शंकराचार्य का आह्वान - सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का प्रखर विरोध करे हिन्दू समाज

Published: Thursday, Nov 17,2011, 12:02 IST
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कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी जयेन्द्र सरस्वती ने भारत के एक अरब हिंदुओं से प्रस्तावित सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का प्रखर विरोध करने का आह्वान किया है | पूज्यपाद तिरुवनंतपुरम में मंदिर शुभारम्भ उद्घोषणा समारोह की हीरक जयंती के अवसर पर विभिन्न हिन्दू संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे | समारोह का आयोजन हिंदू ऐक्यवेदी के तत्वाधान में किया गया था तथा समारोह का उदघाटन त्रावनकोर के महाराज उत्तरादम तिरुनल मार्तंड वर्मा ने किया |

इस अवसर पर बोलते हुए पूज्यपाद शंकराचार्य जी ने स्पष्ट कहा कि यह विधेयक हिंदू एकता को तोड़ने के कुत्सित उद्देश्य से लाया गया है एवं प्रत्येक हिंदू को धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र हित में इसका यथाशक्ति विरोध करना ही चाहिए | इस अवसर पर पूज्यपाद ने समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के सम्मान में भी उदगार प्रकट किए | उन्होंने कहा कि राज्य की जनता एवं हिंदू समाज पर श्री नारायण गुरु का अतीव उपकार है | उन्होंने अस्पृश्यता एवं अन्य असमानताओं को मिटाने के लिए एवं हिन्दू समाज को संगठित करने में सराहनीय योगदान किया |

इस अवसर पर बोलते हुए केसरी के संपादक जे नंदकुमार ने भी साम्प्रायिक हिंसा विधेयक के सम्बन्ध में अपने विचार रखे | उन्होंने भी कहा कि विधेयक का उद्देश्य हिन्दू समाज को विभक्त करना तथा हानि पहुँचाना ही है | केरला पुल्यर महा सभा के मुख्य सचिव एन के वासुदेवन ने जस्टिस रंगनाथ मिश्र आयोग की विवादस्पद संस्तुतियों के विषय में अपने विचार रखे तथा ऐक्यवादी राज्य सचिव ब्रह्मचारी भार्गवराम ने श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर एवं केरल के अन्य मंदिरों के विषय में ज्ञानवर्धक उदगार प्रकट किए |

हिन्दू समाज के लिए यह एक महत्वपूर्ण संघट था जिसमें ६१ हिन्दू संस्थाओं के ११० प्रतिनिधियों ने भाग लिया |

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