क्या विदेशी कंपनियों के आने से लोगों को आजीविका मिलती है, गरीबी कम होती है? : राजीव दीक्षित

Published: Saturday, Mar 24,2012, 17:39 IST
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क्या विदेशी कंपनियों के आने से भारत का निर्यात बढ़ता है (भाग ०३) से आगे पढ़ें... जैसे जैसे विदेशी कंपनियां भारत में बढ़ रही है यहाँ गरीबी बढ़ती जा रही है, इसे समझने के लिए अगर इस तर्क को मान लें कि विदेशी कंपनियों के आने से देश की पूंजी बढ़ती है तो स्वाभाविक है कि गरीबी कम हो जानी चाहिए।

जब १९४७ (1947) में भारत स्वतंत्र हुआ तब इस देश में एक विदेशी कंपनी को हमने भगाया था जिसका नाम ईस्ट इंडिया कंपनी था किंतु इसके मात्र दो वर्ष पश्चात ही १५६ (156) विदेशी कंपनियों को बुला लिया गया। जवाहर लाल नेहरु ने १९४९-५० (1949-1950) में पहली औद्योगिक नीति बनाई, उन्होंने संसद में घोषणा की, कि हमारे पास पैसे कि कमी है अंग्रेज यहाँ से सब धन लूट कर ले गए है, कोष रिक्त है अतैव भारत का विकास करना है तो विदेशी पूंजी चाहिए, ऐसा लंबा भाषण १९४८ (1948) में लोकसभा में उन्होंने दिया।

जब भारत में १५६ विदेशी कंपनियां आई तब भारत में गरीबों कि संख्या सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग ४.५ (4.5) करोड़ थी। अब हमारे देश में विदशी कम्पनीयों की संख्या बढ़ कर ५००० (5000) हो गई तो १५६ कंपनियां जितनी पूंजी लायीं थी, ५००० कंपनियां उससे अधिक ही लायेंगी तो इसका अर्थ यह है पूंजी और बढ़ जायेगी तो गरीबी कम हो जायेगी लेकिन भारत सरकार के ही आंकडें हैं कि इस समय भारत में गरीबों की संख्या ८८ (88) करोड़ है। गरीबों कि संख्या में २१ गुना वृद्धि हुई है सीधा सा अर्थ है कि भारत कि लूट में अत्यधिक वृद्धि हुई है इसी कारण गरीबी कि संख्या बढ़ी है।

इसलिए प्रति वर्ष गरीबों कि संख्या में वृद्धि होती है क्यूंकि पूंजी यहाँ से लूट कर विदेशों में चली जाती है यहाँ पूंजी विदेश से आती नहीं है यह बात आपके समझ में आये तो बहुत अच्छा है क्यूंकि हमारे देश में सरकार कि भाषा बोलने वाले कई लोग है जब हम विदेशी कंपनियों को भगाने कि बात उठाते है तो वह प्रश्न उठाते है पूंजी कहाँ से आएगी? तो आप इन आकड़ो कि सहायता से बताइये कि पूंजी हमारी जा रही है और यदि हम इन विदेशी कंपनियों को भगा देते है। इनके अधिकार (लाइसेन्स) रद्ध कर देते है तो पूंजी का बाहर जाना रुक जाएगा तो इस देश में पूंजी बढ़ना, गरीबी, बेकारी का कम होना स्वतः प्रारंभ हो जाएगा। अगले भाग में पढेंगे : क्या विदेशी कंपनियों के आने से तकनीकी आती है?

# भारत में विदेशी कंपनियों द्वारा की जा रही लूट : राजीव दीक्षित (भाग ०१)
# क्या विदेशी कंपनियों के आने से पूंजी आती है : राजीव दीक्षित (भाग ०२)
# क्या विदेशी कंपनियों के आने से भारत का निर्यात बढ़ता है : राजीव दीक्षित (भाग ०३)

- भाई राजीव दीक्षित | अन्य लेखों के लिए राजीव भारत खंड पढ़ें

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