इरोम ने कहा, अन्‍ना का आंदोलन बनावटी! कश्‍मीरी अलगाववादी ने मांगा हजारे का साथ

Published: Thursday, Sep 01,2011, 12:59 IST
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मणिपुर में पिछले 11 वर्षो से अनशन कर रहीं इरोम शर्मिला ने अन्‍ना हजारे के आंदोलन को बनावटी करार दिया है। सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकार हनन के खिलाफ संघर्ष कर रही शर्मिला ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, 'हम भ्रष्‍टाचार कैसे मिटा सकते हैं? जहां तक मेरे मामले का सवाल है, मैं एक साधारण महिला हूं जो समाज में सुधार लाना चाहती है। मुझे सामाजिक कार्यकताओं के बारे में कोई आइडिया नहीं है। अन्‍ना का आंदोलन प्रेरणादायी जरूर है लेकिन यथार्थवादी नहीं है।'

शर्मिला ने कहा, 'अन्‍ना उम्रदराज सामाजिक कार्यकर्ता हैं जबकि मैं एक साधारण महिला हूं। हमारा मकसद बिल्‍कुल अलग है। हमें अन्‍ना के नेतृत्‍व की जरूरत नहीं है।'

हालांकि इससे पहले ऐसी उम्‍मीद जगी थी कि अन्‍ना हजारे शर्मिला के आंदोलन में हिस्‍सा लेने मणिपुर जा सकते हैं। टीम अन्ना के सदस्य और असम के आरटीआई एक्टिविस्ट अखिल गोगोई ने पिछले दिनों बताया कि जैसे ही हजारे स्वस्थ होते हैं, वे गुवाहाटी में बड़े बांधों के खिलाफ रैली में भाग लेने यहां आ सकते हैं। गोगाई ने कहा था कि अन्‍ना इम्फाल भी जाएंगे और शर्मिला के आंदोलन को समर्थन देंगे। यह फैसला टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक में लिया गया था। इसी साल गुवाहाटी में भ्रष्टाचार के खिलाफ रैली में हजारे ने शर्मिला के साथ जुड़ने की इच्छा जाहिर की थी।

मणिपुर की 'आयरन लेडी' मानी जाने वाली शर्मिला ने अपने घर के समीप एक बस पड़ाव पर सेना द्वारा 10 लोगों को मार गिराने की घटना को अपनी आखों से देखने के बाद अपना अनशन दो नवम्बर 2000 को शुरू किया था। शर्मिला को उम्‍मीद है कि उनकी मांग को केंद्र सरकार एक दिन उसी तरह मान्यता देगी, जैसा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के अभियान को संसद में मान्यता दी गई।

उधर, मजबूत लोकपाल बिल की मांग को लेकर सरकार को घुटने टेकने को मजबूर कर देने वाले अन्‍ना हजारे और उनकी टीम को कश्‍मीर से बुलावा आया है। अलगावादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाईज उमर फारूख ने कश्‍मीर घाटी में 'निर्दोष लोगों की हत्‍या' रोकने के लिए अन्‍ना और उनकी टीम की मदद मांगी है।

मीरवाईज ने ईद के मौके पर श्रीनगर के ईदगाह में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्‍ना हजारे ने भ्रष्‍टाचार के खिलाफ जंग छेड़ी है। हम उम्‍मीद करते हैं कि मानवता और अहिंसा के झंडाबरदार गांधीजी के अनुयायी जम्‍मू कश्‍मीर में निर्दोष लोगों की हत्‍या रोकने के लिए आवाज बुलंद करेंगे।'

मीरवाइज की यह अपील राज्‍य मानवाधिकार आयोग की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है जिसमें कहा गया था कि उत्‍तरी कश्‍मीर के तीन जिलों में 38 जगहों पर कुल 2156 कब्रें हैं जिन पर न तो कोई निशान है और न ही यह पता है कि ये किसकी कब्रें हैं। मीरवाइज ने आयोग की इस रिपोर्ट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, ‘जम्‍मू कश्‍मीर में कुल 24 जिले हैं और खुदा ही जानता है कि कितने लोगों की हत्‍या हुई है और उन्‍हें इस तरह की कब्रों में दफना दिया गया है।'

उन्‍होंने कहा, 'हर दिन सेना और अर्द्धसैनिक बल मुठभेड़ का दावा करते हैं लेकिन आयोग की रिपोर्ट ने इन मुठभेड़ों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।'

मीरवाइज ने इन कब्रों के मामले में निष्‍पक्ष जांच कराए जाने की भी मांग की। उन्‍होंने कहा, ‘कश्‍मीर की जनता इन कब्रों में दफन सभी लाशों के डीएनए टेस्‍ट की मांग करती है। इससे हकीकत सामने आ जाएगी।' 

इस बीच गुड़गांव स्थित मेदांता मेडिसिटी अस्‍पताल से छुट्टी मिलने के बाद अन्‍ना हजारे महाराष्‍ट्र स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि पहुंच गए हैं। गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्‍वागत किया गया है। दिल्‍ली में 12 दिनों के अनशन और फिर चार दिन अस्‍पताल में रहने के बाद अन्‍ना के गांव पहुंचने से गांववालों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अन्‍ना ने गांव पहुंचने पर सबसे पहले यादव बाबा मंदिर में प्रार्थना की।

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