अन्ना के बाद अब दिग्विजिय सिंह गए मौन व्रत पर, मीडिया में मचा हड़कंप - फ़ेकिंग न्यूज़

Published: Wednesday, Oct 19,2011, 00:01 IST
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Oct 18 2011 01:20:00 PM| अन्ना हज़ारे को मौन व्रत पर गए अभी एक दिन भी नहीं बीता कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी मौन व्रत पर जाने की घोषणा कर दी है। दिग्विजय ऐसा क्यों कर रहे हैं, उनकी बाकी बातों की तरह ही लोग ये भी नहीं समझ पाए हैं और न खुद उन्होंने इसका कोई खुलासा किया है।

मगर कहा जा रहा है कि अन्ना को पिछले दिनों लिखी चिट्ठियों पर पार्टी आलाकमान से मिली डांट के बाद वो काफी आहत थे। ऊपर से हिसार में मिली हार ने आग में घी का काम कर दिया। जिसके बाद दिग्विजय को डर सताने लगा था कि पार्टी का एक धड़ा इस हार के लिए उन्हें ज़िम्मेदार बताएगा और आलाकमान इस मामले में उनसे सफाई मांगेगा। अन्ना हज़ारे के बाद दिग्विजय सिंह भी अपनी आत्मा की शांति के लिए मौन व्रत पर चले गए हैं

माना जा रहा है कि इसी सफाई और डांट से बचने के लिए दिग्विजय सिंह अनिश्चितकालीन मौन व्रत पर चले गए हैं।

न्यूज़ चैनल्स में मचा हड़कंप
वहीं दिग्विजय सिंह के मौन व्रत पर जाने की ख़बर मिलते ही न्यूज़ चैनल्स में हड़कंप मच गया है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें? जब तक दिग्विजय की म्यान से कोई बयान नहीं आएगा तब तक वो अपना चैनल कैसे चलाएंगे।
दिग्विजय सिंह को लेकर चैनल्स की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से हो जाता है कि उन्होंने तो दिग्विजय सिंह के नाम से अलग से एक बीट भी शुरू कर दी थी। क्राइम, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स की तरह दिग्विजय सिंह भी एक बीट हो गए थे। और यही वजह थी कि ख़बरों में बने रहने को लेकर कोई उन्हें बीट नहीं कर पा रहा था।

ये दिग्विजय ही थे जिनके बयान दिखाकर न्यूज़ चैनल अपना घंटों का ऑन एयर टाइम खपाने में सफल हुए थे। ऊपर से उनका सबसे बड़ा फायदा ये था कि चाहो तो उनका बयान राजनीति की ख़बरों में दिखा दो या फिर ‘कॉमेडी टकाटक’
के सेगमेंट में चलवा दो। राजनीतिक और चुटीले होने के साथ कुछ लोगों का कहना है कि दिग्विजय सिंह के बयान ‘भावुक’ भी होते हैं क्योंकि अक्सर उन्हें सुनने के बाद रोना आता  है!

ट्विटर और फेसबुक पर भारी निराशा
कहते हैं कि इंसान की कीमत उसके जाने के बाद ही पता चलती है। ठीक उसी तरह फेसबुक और ट्विटरवासियों को दिग्विजय सिंह की कीमत उनके चुप होने के बाद पता चल रही है। दिग्विजय सिंह की याद में फेसबुक पर एक शख्स ने तो फिल्म सिलसिला के अंदाज़ में अपने स्टेटस पर ये लिख रखा था:

मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बाते करते हैं
दिग्विजय होते तो कैसा होता,
दिग्विजय होते तो ऐसा होता,
दिग्विजय होते तो ये कहते
दिग्विजय होते तो वो बकते
दिग्विजय होते तो उन्हें फोन आते,
दिग्विजय सिंह होते तो चिट्ठियां लिखते,
वो होते तो आरएसएस के हाथ ढूंढते
छूने के लिए राहुल बाबा के पांव खोजते
वो होते तो इस बात पर ये बयान देते
वो होते तो उनके हर बयान पर हम कितना हंसते
और अब जो वो नहीं हैं
वो फोन, वो चिट्ठियां, वो हाथ, वो बात न जाने सब कहां
खो गए हैं

खैर, ये तो दीवानगी की एक मिसाल है। मगर हद तो तब हो गई जब वो सभी 22 वेबसाइट्स और आरोपी जिन पर दिग्विजय सिंह ने अपनी बेइज्ज़ती करने का आरोप लगा पुलिस में शिकायत की थी, आगे आकर बिना शर्त माफी मांगने के लिए तैयार हो गए, उनकी बस एक ख्वाहिश है…दिग्विजय सिंह अपना मौन व्रत तोड़ दें। सभी का एक सुर में यही कहना है…दिग्विजय खुद से अपनी आवाज़ छीन सकते हैं मगर हमसे हमारी हंसी नहीं।

अन्ना ने की अनशन तोड़ने की अपील
वहीं दिग्विजय के अनशन की ख़बर पर जब हमने अन्ना से उनकी प्रतिक्रिया जानी तो मौन व्रत पर होने के कारण वो कुछ बोले तो नहीं लेकिन एक चिट पर लिखकर दिग्विजय सिंह से अनशन तोड़ने की अपील ज़रूर की। चिट पर अन्ना ने लिखा…खाली दिमाग शैतान का घर होता है, ऊपर से अगर शैतान खाली बैठ जाए तो खतरा और बढ़ जाता है इसलिए मैं दिग्विजय से अपील करूंगा कि वो अपना अनशन तोड़ दें! या फिर वादा करें कि अब कभी बोलेंगे ही नहीं ताकि उनके
बेहूदा आरोपों से परेशान होकर मुझे दोबारा मौन व्रत पर न बैठना पड़े!

— साभार फ़ेकिंग न्यूज़

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