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  • चन्दन प्रियदर्शी
  • क्या शरीर ब्राह्मण हो सकता है?

    Monday, Nov 05,2012, 23:42 IST .

    यह उपनिषद सामवेद से सम्बद्ध है ! इसमें कुल ९ मंत्र हैं ! सर्वप्रथम चारों वर्णों में से ब्राह्मण की प्रधानता का उल्लेख किया गया है तथा ब्राह्मण कौन है, इसके लिए कई प्रश्न किये गए हैं ! क्या ब्राह्मण जीव है? शरीर है, जाति है, ज्ञान है, कर्म है, या धार्मिकता है? इन सब संभावनाओं का निरसन कोई ना कोई कारण बताकर कर दिया गया है , अंत में ‘ब्राह्मण’ की परिभाषा बताते हुए उपनिषदकार कहते हैं ..

  • क्या स्त्रियों को वेदाधिकार नहीं है... ?

    Thursday, Sep 06,2012, 15:18 IST .

    इस विषय पर मैं पाठकों का ध्यान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की ओर दिलाना चाहता हूँ :
     
    ०१. जब ऋग्वेद के मन्त्र द्रष्टा ऋषि स्त्रियां हो सकतीं हैं तो उनको अध्ययन के अधिकार का निषेध करना मेरी दृष्टि से कभी समयविशेष की आवश्यकता रही होगी, आज इस बात की आवश्यकता नहीं।

    ०२.  ऋग्वेद के मन्त्रों का दर्शन करने वाले ४०२ ऋषियों में से ३७७ प..

  • हम करें राष्ट्र अभिवादन, हम करें राष्ट्र आराधन !!

    Saturday, Aug 25,2012, 19:38 IST .

    अपना राष्ट्र एक भूमि का टुकड़ा मात्र नहीं है, ना वाणी का एक अलंकार है और न मस्तिष्क की कल्पना की एक उड़ान मात्र है। वह एक महानतम जीवंत शक्ति है, जिसका निर्माण उन करोड़ों-अरबों जनों की शक्तियों को मिलाकर हुआ है, जो राष्ट्र का निर्माण करते हैं। यह निर्माण ठीक उसी प्रकार हुआ है, जैसे समस्त देशवासियों को एकत्र कर बलराशी संचित की गई, जिसमें से भवानी-महिष मर्दिनी प्रकट हुईं। वह शक्ति जिसे हम भारत, भवा..

  • संस्कृत भाषा का महत्व

    Tuesday, Jul 10,2012, 09:11 IST .

    संस्कृत देवभाषा है। यह सभी भाषाओँ की जननी है। विश्व की समस्त भाषाएँ इसी के गर्भ से उद्भूत हुई है। वेदों की रचना इसी भाषा में होने के कारण इसे वैदिक भाषा भी कहते हैं। संस्कृत भाषा का प्रथम काव्य-ग्रन्थ ऋग्वेद को माना जाता है। ऋग्वेद को आदिग्रन्थ भी कहा जाता है। किसी भी भाषा के उद्भव के बाद इतनी दिव्या एवं अलौकिक कृति का सृजन कहीं दृष्टिगोचर नहीं होता है।ऋग्वेद की ऋचाओं में संस्कृत भाषा का लालि..

  • भारत में छूआछूत का कलंक किसकी देन?

    Friday, Jun 29,2012, 12:16 IST .

    कुछ लोगों का मानना है कि भारत में इस्लाम का प्रचार-प्रसार बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ है। उनका यह भी कहना है की हिंदू समाज में छुआछात के कारण भारत में हिन्दुओं ने बड़ी मात्रा में इस्लाम को अपनाया। उनके शब्दों में - "हिंदुओं के मध्‍य फैले रूढिगत जातिवाद और छूआछात के कारणवश खासतौर पर कथित पिछड़ी जातियों के लोग इस्‍लाम के साम्‍यभाव और भाईचारे की ओर आकृष्‍ट हुए और स्..

  • दंडायण, एक महान यूनानी दार्शनिक 'डायोजनीज' का सत्य

    Wednesday, Jun 13,2012, 22:26 IST .

    "उस दरिद्र ने बुलाया है मुझे!" कहने के साथ ही वह खिलखिलाकर हंस पड़ा! पास खड़े तीनों सैनिक उसे आँखें फाड़े देखे जा रहे थे, पता नहीं क्या था ऐसा उसमे! झेलम के रमणीक तट पर अपनी मस्ती में लेटा हुआ था वह! दाहिने हाथ को तकिये की तरह लगाए लेटा हुआ था! बायाँ पैर दायें पर रखा था! रेत पर रखे उसके दाहिने पाँव को झेलम की जल-लहरियां उर्मियाँ बड़े आग्रह के साथ धो रही थी! अपूर्व आनंद की आभा छाई थी..